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REC Limited

वित्तीय उत्पाद

ऋण पुनर्वित्तीयन

ऋण का पुनर्वित्तपोषण

यह नीति सरकारी तथा निजी क्षेत्र के ऋण लेने वालों की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं सहित विद्युत क्षेत्र में चालित की गई सभी प्रकार की परियोजनाओं के विद्यमान परियोजना सावधि ऋण के पुनर्वित्तपोषण हेतु सावधि ऋण के विस्तार हेतु लागू है।

पात्रता मानदण्ड:

  • समूची परियोजना ने आवेदन प्रस्तुत किए जाने के समय सीओडी प्राप्त कर ली हो। सीओडी को ऋणदाता से स्वतंत्र अभियंता/सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित किया जाएगा।
  • निकाय ने आरईसी सहित किसी बैंक/एफआई/एनबीएफसी को चुकौती में कोई चूक नहीं की होनी चाहिए।
  • ऋण परिसंपत्ति आवेदन की तिथि को सभी ऋणदाता की बहियों में एक "मानक" परिसंपत्ति होनी चाहिए।
  • आरईसी ऐसी किसी योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता पर विचार नहीं करेगी जहां ऋण लेने वाला स्वयं आरईसी द्वारा स्वीकृत विद्यमान सुविधा के समय से पूर्व भुगतान/प्रतिस्थापन द्वारा आरईसी से नई वित्तीय सहायता हेतु अनुरोध कर रहा हो। तथापि, किसी ऐसी परियोजना के मामले में जहां आरईसी पहले से ही ऋणदाता है, किसी अन्य ऋणदाता के ऋण के पुनर्वित्तपोषण पर विचार पुनर्वित्तपोषण नीति के अनुरूप निबंधन एवं शर्तों पर एक नए व्यापार प्रस्ताव के रूप में किया जा सकता है। ऐसे मामलों में आरईसी आवश्यक रूप से परियोजना की समेकित रेटिंग/री-रेटिंग करवाएगी, तथापि, बेहतर रेटिंग का लाभ, यदि कोई हो, मूल तथा साथ ही साथ पुनर्वित्तपोषण किए जाने वाले अतिरिक्त ऋण हेतु भी मिलेगा।

निम्नलिखित शर्तें भी पूरी होनी चाहिए :  

  • उन ऋणदाताओं की स्वीकृति, जिनके ऋण का पुनर्वित्तपोषण किया जा रहा है, संवितरण प्रारंभ होने से पूर्व अपेक्षित होगी। स्वीकृति को समान ऋण अनुबंध (सीएलए) की शर्तों के अनुसार प्राप्त किया जाएगा।
  • जिस बैंक/एफआई/एनबीएफसी के ऋण का पुनर्वित्तपोषण किया जा रहा है, संवितरण प्रारंभ होने से पूर्व उसके बकाया ऋण शेष की स्वीकृति प्राप्त की जाएगी।
  • ऋण लेने वाला यह सुनिश्चित करेगा कि सीएलए, स्वीकृति शर्तों, टीआर अनुबंध आदि में निर्धारित ऋण पुनर्वित्तपोषण हेतु सभी शर्तों का अनुपालन किया जाए।

 

  • आरईसी विद्यमान परियोजना ऋणों का पुनर्वित्तपोषण पुनः आकलन और परियोजना नकदी प्रवाहों के वास्तविक निष्पादन के आधार पर कर सकता है बशर्ते - 1. प्रस्तावित ऋण अवधि हेतु औसत डीएससीआर और न्यूनतम डीएससीआर की सीमा आरईसी परियोजना मूल्यांकन दिशा-निर्देशों में निर्दिष्ट के अनुसार होगी। परियोजना का मूल्यांकन/पुनर्मूल्यांकन (उपलब्ध नवीनतम वास्तविक डाटा के आधार पर) इसके क्रमशः उत्पादन, नवीकरणीय तथा ट्रांसमिशन परियोजनाओं हेतु विद्यमान परियोजना मूल्यांकन दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। परियोजना की आधारभूत व्यवहार्यता को अन्य अपेक्षित वित्तीय तथा गैर-वित्तीय मानदण्डों के आधार पर ऋण की सेवा की क्षमता तथा ऋण की अवधि पर पुनर्भुगतान की क्षमता को दर्शाते हुए स्थापित किया जाएगा। यह सिफारिश की जाती है कि पुनर्वित्तपोषण के लिए विचार उन मामलों पर किया जाएगा जहां आरईसी की संतुष्टि के अनुरूप पर्याप्त विद्युत क्रय समझौते (पीपीए) और ईंधन आपूर्ति समझौते (एफएसए) निष्पादित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आरईसी केवल बैंक/एफआई/एनबीएफसी के बकाया ऋण के मूलधन का पुनर्वित्तपोषण करेगा ।

 

  • निधियों को सामान्यतः सीधे उस बैंक/एफआई/एनबीएफसी को अदा किया जाएगा जिनके ऋण का पुनर्वित्तपोषण किया जा रहा है।
  • चुकौती अवधि को परियोजना के जीवन चक्र तथा नकदी प्रवाहों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किया जाएगा और विद्यमान तथा नए बैंक के बोर्ड परियोजना की व्यवहारिता से संतुष्ट होने चाहिए। इसके अतिरिक्त, सामान्यतः ऋण तथा ब्याज की चुकौती पर कोई स्थगन अवधि नहीं होनी चाहिए।
  • प्रतिभूति आरईसी की विद्यमान नीति के अनुसार अथवा आरएफसी की संतुष्टि के अनुरूप मांग किए गए अनुसार होगी।
  • ब्याज दरें तथा वित्तीय प्रभार आरईसी की विद्यमान नीतियों के अनुसार होंगे।

 

टिप्पणी - आरईसी द्वारा निम्नलिखित आरबीआई दिशा-निर्देशों/परिपत्र के अनुसार भी ऋण पुनर्वित्तपोषण/संबंधित वित्त-पोषण किया जाता है -

  1. लोचशील पुनर्संरचना और आवधिक पुनर्वित्तपोषण (नए तथा विद्यमान दोनों ऋणों को कवर करने वाला) - डीएनबीआर.पीडी.सीसी संख्या 012/03.10.001/2014-15 दिनांक 19.1.2015
  2. परियोजना ऋण का  पुनर्वित्तपोषण (संबंधित वित्त-पोषण करना) - परिपत्र संख्या डीबीओडी.बीपी.बीसी संख्या 98/21.04.132/2013-14 दिनांक 26.2.2014 और परिपत्र संख्या डीबीओडी.बीपी.बीसी संख्या 31/21.04.132/2014-15 दिनांक 7.08.2014 (एनबीएफसी पर परिपत्र संख्या डीएनबीआर.सीसी.पीडी संख्या 085/03.10.001/2015-16 दिनांक 2 जून, 2016 के माध्यम से लागू किया गया)।
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