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REC Limited

अनुषंगी कम्पनियां एवं संयुक्त उद्यम

आरईसीपीडीसीएल

आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (आरईसीपीडीसीएल)
(पूर्व में आरईसी पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड)

आरईसी की दो पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनियों को एक एंटिटी बनाने, संचालन में बेहतर तालमेल हासिल करने, विभिन्न बाजार क्षेत्रों तक अधिक पहुंच बनाने और उच्च पूंजी आधार और संचित किए गए संसाधनों का लाभ उठाने के लिए आमेलित  किया गया था। आमेलित  एंटिटी को अब आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (पूर्व में आरईसी पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, "आरईसीपीडीसीएल") के रूप में जाना जाता है।

आरईसीपीडीसीएल विद्युत क्षेत्र के निम्नलिखित कारोबारिक कार्यक्षेत्रों में प्रभावी और लाभप्रद सेवाएं प्रदान करने में लगे हुए हैं , जैसे:

परियोजना कार्यान्वयन:

  • वितरण अवसंरचना
  • पारेषण अवसंरचना
  • ईआरपी और बिलिंग सॉफ्टवेयर
  • स्मार्ट मीटरिंग परियोजनाएं
  • ग्रिड/ऑफ-ग्रिड सौर (पीवी) परियोजनाएं

कंसल्टेंसी सेवाएं:

  • वितरण और पारेषण अवसंरचना परियोजनाएं
  • गुणवत्ता आश्वासन
  • मांग पूर्वानुमान और शेड्यूलिंग
  • विद्युत उत्पादन परियोजनाएं- थर्मल और नवीकरणीय
  • टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) पारेषण परियोजनाओं के लिए "बोली प्रक्रिया समन्वयक"

कंपनी शुरू से ही लगातार फायदे में है। वित्तीय वर्ष 20-21 के दौरान 31-03-2021 को कंपनी का निवल मूल्य ₹ 297.99 करोड़ था, कंपनी ने ₹184.69 करोड़ का टर्नओवर हासिल किया और ₹32.62 करोड़ का सकल लाभ अर्जित किया। कंपनी नियमित रूप से अपने शेयरधारकों को लाभांश का भुगतान कर रही है।

आगे बढ़ते हुए आरईसीपीडीसीएल पारेषण और वितरण क्षेत्र की परियोजनाओं और विभिन्न नई हाई-एंड प्रौद्योगिकी परामर्शों के विकास में विविध कारोबारिक अवसरों की तलाश कर रहा है। कंपनी ने कुछ समाधान तैयार किए हैं जैसे

  1. सारथी 2.0 यानी ऊर्जा लेखा समाधान जिसका उद्देश्य ओपेक्स मोड के तहत फीडर/डीटी मीटर स्थापित करके और उपभोक्ता इंडेक्सिंग और नेटवर्क मैपिंग करके व्यापक ऊर्जा लेखांकन और लेखापरीक्षण करना है।
  2. सार्थक यानी डिस्कॉम की वाणिज्यिक प्रक्रिया आउटसोर्सिंग जिसका उद्देश्य राज्य यूटिलिटियों में राजस्व चक्र प्रबंधन और ग्राहक सेवा सम्बन्धी गतिविधियों के तरीके में बदलाव लाना है।

 

इसके अलावा, आरईसीपीडीसीएल विकसित कर रहा है (क) सभी के लिए, 24x7 बिजली के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर बिजली की विश्वसनीयता और गुणवत्ता की निगरानी के लिए एनएफएमएस (राष्ट्रीय फीडर निगरानी योजना) (ख) एकीकृत बिलिंग और अन्य सॉफ्टवेयर: जिसका उपयोग देश के सरकारी डिस्कॉम/विद्युत विभाग द्वारा इंटरऑपरेबिलिटी, डेटा सुरक्षा और उपभोक्ता की गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए किया जा सकता है।

हाल ही में, भारत सरकार ने भारत में राज्य विद्युत वितरण कंपनियों के लिए एक संशोधित सुधार योजना के लिए 3,05,982 करोड़ के परिव्यय की घोषणा की है। यह योजना डिस्कॉम को प्री-पेड स्मार्ट मीटरिंग और फीडर पृथक्करण, वित्तीय सुधारों से जुड़ी प्रणालियों के उन्नयन सहित बुनियादी ढांचे के निर्माण में सहायता करेगी। इसने कंपनी को पीपीपी के माध्यम से टीओटीईएक्स मोड में उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग के कार्यान्वयन के लिए परियोजना प्रबंधन परामर्शदाता (पीएमसी) और एएमआई एसपी के रूप में काम करने का बड़ा अवसर प्रदान किया है।

 

आरईसी ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड (आरईसीटीपीसीएल) का आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (पूर्व में आरईसी पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड) के साथ समामेलन

 

विद्युत मंत्रालय ने अपने 11 नवंबर, 2019 और 8 दिसंबर, 2020 के पत्रों के माध्यम से आरईसी ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड को आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (पूर्व में आरईसी पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड) के साथ समामेलन के लिए मंजूरी दी। इस संदर्भ में आवश्यक वैधानिक अनुपालनों को पूरा करने के बाद, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) ने 5 फरवरी, 2021 के आदेश के तहत आरईसीटीपीसीएल (ट्रांसफेरोर कंपनी) के आरईसीपीडीसीएल (ट्रांसफ़री कंपनी) के साथ नियत तारीख 1 अप्रैल, 2020 को समामेलन को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, इस आदेश की एक प्रमाणित प्रति ट्रांसफेरोर और ट्रांसफरी कंपनी द्वारा 6 फरवरी, 2021 को कंपनी रजिस्ट्रार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली के पास दायर की गई है। तदनुसार, ट्रांसफेरोर कंपनी को भंग कर दिया गया है और समामेलन की योजना 6 फरवरी, 2021 से प्रभावी हो गई है।

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पृष्ठ को अंतिम बार अद्यतन किया गया: 18/06/2024 - 02:59 PM
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