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आरईसीपीडीसीएल ने महाराष्ट्र की इंट्रा स्टेट ट्रांसमिशन परियोजना की एसपीवी मुसलगांव पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड को मैसर्स महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को सौंपा
तारीख 10-09-2026

विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत एक महारत्न सीपीएसयू, आरईसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (आरईसीपीडीसीएल) ने 09 सितंबर 2026 को सफल बोलीदाता, मैसर्स महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को परियोजना-विशिष्ट स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) मुसलगांव पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड सौंपा।
महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड, आरईसीपीडीसीएल द्वारा आयोजित टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) प्रक्रिया के माध्यम से सफल बोलीदाता के रूप में उभरी। यह परियोजना महाराष्ट्र की राज्यांतर्गत ट्रांसमिशन परियोजना को "बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (बीओओटी)" आधार पर विकसित करने हेतु है।
एसपीवी का हस्तांतरण श्री रत्नेश कुमार, महाप्रबंधक (अभियांत्रिकी), आरईसीपीडीसीएल द्वारा श्री अमित आर. नाइक, मुख्य अभियंता (टीबीसीबी), महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया।
यह ट्रांसमिशन परियोजना मुख्यतः मुसलगांव में 220/132/33 केवी एआईएस उपकेंद्र की स्थापना, मुसलगांव से बाबलेश्वर (मौजूदा) एवं रेमंड (मौजूदा) तक लगभग 111 किमी लंबी 220 केवी डबल सर्किट लाइन तथा मुसलगांव से सिन्नर (विद्यमान) तक लगभग 13 किमी लंबी 132 केवी डबल सर्किट लाइन सहित संबद्ध कार्यों का प्रावधान करती है। परियोजना का कार्यान्वयन 12 माह की अवधि में लगभग 560 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर किया जाना प्रस्तावित है।
आरईसीपीडीसीएल के बारे में: आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (आरईसीपीडीसीएल), आरईसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो कई राज्य विद्युत वितरण कंपनियों/राज्य विद्युत विभागों को ज्ञान-आधारित परामर्श और विशेषज्ञ परियोजना कार्यान्वयन सेवाएँ प्रदान कर रही है। आरईसीपीडीसीएल जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में भी ट्रांसमिशन परियोजनाओं का कार्यान्वयन कर रही है।
आरईसीपीडीसीएल अंतर-राज्यीय एवं राज्यांतर्गत ट्रांसमिशन परियोजनाओं तथा नवीकरणीय ऊर्जा आरई-बंडलिंग परियोजनाओं के लिए टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) के माध्यम से बोली प्रक्रिया समन्वयक (बीपीसी) के रूप में भी कार्य कर रही है। अपनी विशेषज्ञ परामर्श, परियोजना कार्यान्वयन और लेन-देन परामर्श सेवाओं के साथ, आरईसीपीडीसीएल देश के विद्युत क्षेत्र की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
आरईसी लिमिटेड के बारे में-
आरईसी भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक 'महारत्न' कंपनी है, और आरबीआई के साथ गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (एनबीएफसी), सार्वजनिक वित्तीय संस्थान (पीएफआई) और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग कंपनी (आईएफसी) के रूप में पंजीकृत है। आरईसी पूरे विद्युत-अवसंरचना क्षेत्र को वित्तपोषित कर रहा है जिसमें उत्पादन, पारेषण, वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा और नई प्रौद्योगिकियां जैसे इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी भंडारण, पंप भंडारण परियोजनाएं, ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया परियोजनाएं आदि शामिल हैं। हाल ही में आरईसी लिमिटेड ने गैर-विद्युत अवसंरचना क्षेत्र में भी विविधता लाई है जिसमें सड़क और एक्सप्रेसवे, मेट्रो रेल, हवाई अड्डे, आईटी संचार, सामाजिक और वाणिज्यिक अवसंरचना (शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल), बंदरगाह और इस्पात, रिफाइनरी आदि जैसे विभिन्न अन्य क्षेत्रों के संबंध में इलेक्ट्रो-मैकेनिकल (ईएंडएम) कार्य शामिल हैं।
आरईसी लिमिटेड देश में अवसंरचना परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए राज्य, केंद्र और निजी कंपनियों को विभिन्न परिपक्वताओं के ऋण प्रदान करता है। आरईसी लिमिटेड बिजली क्षेत्र के लिए सरकार की प्रमुख योजनाओं में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका निभा रहा है और प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य), दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई), राष्ट्रीय विद्युत निधि (एनईएफ) योजना के लिए नोडल एजेंसी रही है, जिसके परिणामस्वरूप देश में अंतिम मील वितरण प्रणाली, 100% गांव विद्युतीकरण और घरेलू विद्युतीकरण को मजबूत किया गया है। आरईसी को पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने आरईसी को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के कार्यान्वयन की ज़िम्मेदारी भी सौंपी है।









