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आरईसीपीडीसीएल ने महाराष्ट्र की अंतर-राज्यीय पारेषण परियोजना की एसपीवी, बाल्सेन पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड को मेसर्स रेसोनिया लिमिटेड को सौंपा
तारीख 29-09-2026

आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (आरईसीपीडीसीएल), विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत महारत्न सीपीएसयू, आरईसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, ने 28 सितंबर 2026 को सफल बोली लगाने वाले मेसर्स रेसोनिया लिमिटेड को प्रोजेक्ट के लिए खास विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी), बाल्सेन पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड को सौंप दिया।
मेसर्स रेसोनिया लिमिटेड, महाराष्ट्र की अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन परियोजना के निर्माण, स्वामित्व, संचालन और हस्तांतरण (बीओओटी) आधार पर विकास के लिए बोली प्रक्रिया समन्वयक आरईसीपीडीसीएल द्वारा आयोजित टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) प्रक्रिया के माध्यम से सफल बोलीदाता के रूप में उभरी।
आरईसीपीडीसीएल के उप महाप्रबंधक (इंजीनियरिंग) श्री अनिल कुमार पेराला ने रेसोनिया लिमिटेड, महाराष्ट्र एसटीयू और आरईसीपीडीसीएल के अधिकारियों की उपस्थिति में एसपीवी को रेसोनिया लिमिटेड के व्यापार अधिग्रहण प्रमुख श्री तुषार छाबड़ा को सौंपा।
इस पारेषण परियोजना में मुख्य रूप से बालसाने (धुले जिला) में 765/400/220 केवी एआईएस सबस्टेशन की स्थापना, 765 केवी एआईएस बालसाने से 400 केवी मालेगांव (प्रस्तावित) तक लगभग 106 किमी लंबी 400 केवी डी/सी लाइन, 765 केवी एआईएस बालसाने से 220 केवी शिवाजीनगर और 220 केवी विखारन तक लगभग 50 किमी लंबी 220 केवी डी/सी लाइन तथा संबंधित कार्य शामिल हैं। परियोजना के कार्यान्वयन की समय-सीमा 24 महीने है।
आरईसीपीडीसीएल के बारे में: आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (आरईसीपीडीसीएल), आरईसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो कई राज्य विद्युत वितरण कंपनियों/राज्य विद्युत विभागों को ज्ञान-आधारित परामर्श और विशेषज्ञ परियोजना कार्यान्वयन सेवाएँ प्रदान कर रही है। आरईसीपीडीसीएल जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में भी ट्रांसमिशन परियोजनाओं का कार्यान्वयन कर रही है।
आरईसीपीडीसीएल अंतर-राज्यीय एवं राज्यांतर्गत ट्रांसमिशन परियोजनाओं तथा नवीकरणीय ऊर्जा आरई-बंडलिंग परियोजनाओं के लिए टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) के माध्यम से बोली प्रक्रिया समन्वयक (बीपीसी) के रूप में भी कार्य कर रही है। अपनी विशेषज्ञ परामर्श, परियोजना कार्यान्वयन और लेन-देन परामर्श सेवाओं के साथ, आरईसीपीडीसीएल देश के विद्युत क्षेत्र की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
आरईसी लिमिटेड के बारे में-
आरईसी भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक 'महारत्न' कंपनी है, और आरबीआई के साथ गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (एनबीएफसी), सार्वजनिक वित्तीय संस्थान (पीएफआई) और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग कंपनी (आईएफसी) के रूप में पंजीकृत है। आरईसी पूरे विद्युत-अवसंरचना क्षेत्र को वित्तपोषित कर रहा है जिसमें उत्पादन, पारेषण, वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा और नई प्रौद्योगिकियां जैसे इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी भंडारण, पंप भंडारण परियोजनाएं, ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया परियोजनाएं आदि शामिल हैं। हाल ही में आरईसी लिमिटेड ने गैर-विद्युत अवसंरचना क्षेत्र में भी विविधता लाई है जिसमें सड़क और एक्सप्रेसवे, मेट्रो रेल, हवाई अड्डे, आईटी संचार, सामाजिक और वाणिज्यिक अवसंरचना (शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल), बंदरगाह और इस्पात, रिफाइनरी आदि जैसे विभिन्न अन्य क्षेत्रों के संबंध में इलेक्ट्रो-मैकेनिकल (ईएंडएम) कार्य शामिल हैं।
आरईसी लिमिटेड देश में अवसंरचना परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए राज्य, केंद्र और निजी कंपनियों को विभिन्न परिपक्वताओं के ऋण प्रदान करता है। आरईसी लिमिटेड बिजली क्षेत्र के लिए सरकार की प्रमुख योजनाओं में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका निभा रहा है और प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य), दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई), राष्ट्रीय विद्युत निधि (एनईएफ) योजना के लिए नोडल एजेंसी रही है, जिसके परिणामस्वरूप देश में अंतिम मील वितरण प्रणाली, 100% गांव विद्युतीकरण और घरेलू विद्युतीकरण को मजबूत किया गया है। आरईसी को पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने आरईसी को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के कार्यान्वयन की ज़िम्मेदारी भी सौंपी है।









