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मीडिया लाउंज

आरईसी ने नवीकरणीय ऊर्जा वित्तपोषण श्रेणी में स्कॉच ईएसजी पुरस्कार 2024 जीता
तारीख 01-04-2024

विद्युत मंत्रालय के अधीन महारत्न सीपीएसई और अग्रणी एनबीएफसी, आरईसी लिमिटेड को 'नवीकरणीय ऊर्जा वित्तपोषण' श्रेणी में स्कॉच ईएसजी पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार टिकाऊ वित्त, हरित भविष्य की दिशा में प्रगति को बढ़ावा देने के प्रति आरईसी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आरईसी लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक श्री टी.एस.सी. बोश ने इस पुरस्कार को नई दिल्ली में प्राप्त किया।

यह सम्मान टिकाऊ वित्तपोषण, हरित भविष्य का मार्ग प्रशस्त करने और नवीकरणीय ऊर्जा में परिवर्तन को तेज करने के प्रति आरईसी के समर्पण को रेखांकित करता है। आरईसी भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए, देश के स्थायी विकास में सक्रिय योगदान दे रहा है। विभिन्न पहलों और उपलब्धियों के माध्यम से, आरईसी ने कई टिकाऊ वित्तपोषण परियोजनाओं के लिए प्रतिबद्धता जताई है और हरित परियोजनाओं के लिए विभिन्न समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।

इसके अलावा, आरईसी ने सौर, पवन, पीएसपी, ई-मोबिलिटी, आरई विनिर्माण, ग्रीन अमोनिया/हाइड्रोजन और बैटरी भंडारण जैसे क्षेत्रों में फैली हरित परियोजनाओं के विभिन्न डेवलपर्स के साथ अलग-अलग चर्चा की है। भविष्य में आरईसी को अपने नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो में एक महत्वपूर्ण विस्तार की उम्मीद कर रहा है, अनुमानों के अनुसार 2030 तक इसके वर्तमान मूल्य में 10 गुना वृद्धि की उम्मीद है, जो 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंच जाएगी, जो इसके एयूएम का लगभग 30% है।

स्कॉच ईएसजी पुरस्कार उन संगठनों को पुरस्कार प्रदान करते हैं, जो पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ईएसजी) प्रथाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। स्कॉच ईएसजी पुरस्कार और मूल्यांकन, भारत 2047 के लिए संगठनों की प्रतिबद्धता के मूल्यांकन के लिए एक महत्वपूर्ण बेंचमार्क के रूप में कार्य करता है। यह एक स्थायी और बढ़ते व्यावसायिक भविष्य को आकार देने के लिए स्थायी निवेश और प्रक्रियाओं के बीच परस्पर क्रिया पर केंद्रित है।

आरईसी लिमिटेड के बारे में –

आरईसी विद्युत मंत्रालय के तहत एक 'महारत्न' केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है। यह आरबीआई के अधीन गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) और अवसंरचना वित्तपोषण कंपनी (आईएफसी) के रूप में पंजीकृत है। आरईसी उत्पादन, पारेषण (ट्रांसमिशन), वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा और नई प्रौद्योगिकियों सहित संपूर्ण विद्युत-बुनियादी ढांचा क्षेत्र का वित्तपोषण कर रहा है। नई प्रौद्योगिकियों में इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी भंडारण, पंप भंडारण परियोजनाएं, हरित हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया परियोजनाएं शामिल हैं। हाल ही में आरईसी ने गैर-विद्युत अवसंरचना क्षेत्र में भी अपने कदम रखे हैं। इनमें सड़क और एक्सप्रेसवे, मेट्रो रेल, हवाईअड्डा, आईटी संचार, सामाजिक और व्यावसायिक अवसंरचना (शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल), पत्तन और इस्पात व तेल शोधन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में इलेक्ट्रो-मैकेनिक (ईएंडएम) कार्य शामिल हैं। आरईसी लिमिटेड देश में बुनियादी ढांचा परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए राज्य, केंद्र और निजी कंपनियों को विभिन्न परिपक्वता अवधि के ऋण प्रदान करती है। यह विद्युत क्षेत्र के लिए सरकार की प्रमुख योजनाओं में महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका निभा रही है। इसके अलावा यह प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य), दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई), राष्ट्रीय विद्युत निधि (एनईएफ) योजना के लिए एक नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है। इसके परिणामस्वरूप देश में सुदूर क्षेत्र तक विद्युत वितरण प्रणाली को मजबूत किया गया, 100 फीसदी गांवों का विद्युतीकरण व घरेलू विद्युतीकरण किया गया। इसके अलावा आरईसी को पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) को लेकर कुछ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए नोडल एजेंसी भी बनाया गया है। केंद्र सरकार की ओर से आरईसी को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जिम्मेदारी भी दी गई है। 31 दिसंबर, 2023 तक आरईसी की ऋण पुस्तिका (लोन बुक) 4.97 लाख करोड़ रुपये का होने के साथ नेटवर्थ 64,787 करोड़ रुपये है।

पृष्ठ को अंतिम बार अद्यतन किया गया: 17/05/2024 - 10:26 PM
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