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मीडिया लाउंज

आरईसी ने एनएसई और बीएसई पर ₹2,500 करोड़ और ₹2,875 करोड़ मूल्य के दो बांड सफलतापूर्वक सूचीबद्ध किए
तारीख 01-03-2024

गुरुग्राम - विद्युत मंत्रालय के अधीन एक महारत्न सीपीएसई और अग्रणी एनबीएफसी, आरईसी लिमिटेड ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर दो बांड सफलतापूर्वक सूचीबद्ध किए हैं। ये दोनों बांड क्रमशः ₹2,500 करोड़ और ₹2,875 करोड़ के हैं, जिनकी परिपक्वता अवधि क्रमशः 10 वर्ष और 3 वर्ष 2 महीने है।

इन बांडों की मुख्य विशेषताएं -

• इन बांडों की रिडम्शन तिथियां क्रमशः 30 अप्रैल, 2027 और 28 फरवरी, 2034 हैं।

• दोनों बांड की अवधि क्रमशः 7.64% और 7.47% की उपज पर 3 वर्ष और 2 महीने और 10 वर्ष और 5 दिन है।

इस माध्यम से जुटाई गई धनराशि किसी विशिष्ट परियोजना के लिए नहीं है; इसलिए, इस इश्यू से प्राप्त आय का उपयोग नियमित व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा।

इन बांडों को IRPL द्वारा IND AAA और ICRA द्वारा ICRA AAA रेटिंग दी गई है।

आरईसी लिमिटेड के सीएमडी श्री विवेक कुमार देवांगन ने कहा, "इन बांडों की सफल लिस्टिंग आरईसी लिमिटेड की नवाचार और वित्तीय विवेकशीलता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। हम स्थायी ऊर्जा और बुनियादी ढांचा समाधान के माध्यम से भारत को सशक्त बनाने के अपने मिशन को आगे बढ़ाने के लिए इन फंडों का इस्तेमाल किया जाएगा।”

आरईसी लिमिटेड के बारे में -

आरईसी विद्युत मंत्रालय के तहत एक 'महारत्न' केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है। यह आरबीआई के अधीन गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) और अवसंरचना वित्तपोषण कंपनी (आईएफसी) के रूप में पंजीकृत है। आरईसी उत्पादन, पारेषण (ट्रांसमिशन), वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा और नई प्रौद्योगिकियों सहित संपूर्ण विद्युत-बुनियादी ढांचा क्षेत्र का वित्तपोषण कर रहा है। नई प्रौद्योगिकियों में इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी भंडारण, पंप भंडारण परियोजनाएं, हरित हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया परियोजनाएं शामिल हैं। हाल ही में आरईसी ने गैर-विद्युत अवसंरचना क्षेत्र में भी अपने कदम रखे हैं। इनमें सड़क और एक्सप्रेसवे, मेट्रो रेल, हवाईअड्डा, आईटी संचार, सामाजिक और व्यावसायिक अवसंरचना (शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल), पत्तन और इस्पात व तेल शोधन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में इलेक्ट्रो-मैकेनिक (ईएंडएम) कार्य शामिल हैं। आरईसी लिमिटेड देश में बुनियादी ढांचा परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए राज्य, केंद्र और निजी कंपनियों को विभिन्न परिपक्वता अवधि के ऋण प्रदान करती है। यह विद्युत क्षेत्र के लिए सरकार की प्रमुख योजनाओं में महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका निभा रही है। इसके अलावा यह प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य), दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई), राष्ट्रीय विद्युत निधि (एनईएफ) योजना के लिए एक नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है। इसके परिणामस्वरूप देश में सुदूर क्षेत्र तक विद्युत वितरण प्रणाली को मजबूत किया गया, 100 फीसदी गांवों का विद्युतीकरण व घरेलू विद्युतीकरण किया गया। इसके अलावा आरईसी को पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) को लेकर कुछ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए नोडल एजेंसी भी बनाया गया है। केंद्र सरकार की ओर से आरईसी को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जिम्मेदारी भी दी गई है। 31 दिसंबर, 2023 तक आरईसी की ऋण पुस्तिका (लोन बुक) 4.97 लाख करोड़ रुपये का होने के साथ नेटवर्थ 64,787 करोड़ रुपये है।

 

पृष्ठ को अंतिम बार अद्यतन किया गया: 17/05/2024 - 10:26 PM
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