मीडिया लाउंज
आरईसी ने अगस्त 2023 में सिंडिकेटेड सावधिक ऋण के माध्यम से 1.15 बिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाए
तारीख 06-09-2023
गुरुग्राम, 6 सितंबर 2023: आरईसी लिमिटेड ने आज घोषणा की कि उसने मेंडेटेड लीड अरेंजर्स एंड बुकरनर्स (एमएलएबी) के रूप में छह बैंकों के एक कंसोर्टियम से दो शृंखलाओं में अगस्त 2023 में सफलतापूर्वक 1.15 बिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं।
3 अगस्त, 2023 को 505 मिलियन अमेरिकी डॉलर की पहली शृंखला बैंक ऑफ़ बड़ौदा, गुजरात इंटरनेशनल फिन टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) आईएफएससी बैंकिंग यूनिट (आईबीयू); एक्सिस बैंक, गिफ्ट सिटी आईबीयू और भारतीय स्टेट बैंक, लंदन शाखा से जुटाई गई थी, 31 अगस्त, 2023 को 645 मिलियन अमेरिकी डॉलर की दूसरी शृंखला भारतीय स्टेट बैंक, लंदन शाखा, बैंक ऑफ इंडिया, गिफ्ट सिटी आईबीयू; बैंक ऑफ इंडिया, लंदन शाखा और एचएसबीसी, गिफ्ट सिटी आईबीयू से जुटाई गई थी।
एक साथ दोनों शृंखलाओं में गिफ्ट सिटी आईएफएससी बैंकिंग यूनिट्स (आईबीयू) से 550 मिलियन अमेरिकी डॉलर की समग्र प्रतिबद्धता देखी गई है। यह एक महीने में गिफ्ट सिटी आईबीयू से आरईसी के लिए अब तक की सबसे बड़ी प्रतिबद्धता है, जो दिसंबर 2021 में पहले की गई 345 मिलियन अमेरिकी डॉलर की प्रतिबद्धता से अधिक है।
इन ऋणों को 5 वर्ष की अवधि के लिए निर्धारित किया गया है और इन्हें ओवरनाइट एसओएफआर (सिक्योर्ड ओवरनाइट फाइनेंसिंग रेट) से बेंचमार्क किया गया है, जो अमेरिकी डॉलर में मूल्यवर्गित ऋणों के लिए बेंचमार्क दर है। इस सुविधा से प्राप्त आय का उपयोग भारतीय रिज़र्व बैंक के ईसीबी दिशानिर्देशों के अंतर्गत अनुमत ऊर्जा, इन्फ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए किया जाएगा। वर्ष 2023-24 के लिए रु.1.20 लाख करोड़ की धनराशि आरईसी के रुपये के बाजार उधार कार्यक्रम के तहत जुटाई गई है।
अमेरिकी डॉलर के सावधिक ऋणों के सफलतापूर्वक समापन पर टिप्पणी करते हुए, आरईसी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आईएएस श्री विवेक कुमार देवांगन ने कहा, "आरईसी अपनी उधार लागत को कम करने के लिए उधार के अपने स्रोतों में विविधता लाने के लिए विभिन्न नवोन्मेषी विकल्पों पर सक्रियता से विचार कर रहा है। एक ही महीने के भीतर इन दो लेन-देनों का सफलतापूर्वक समापन आरईसी लिमिटेड की मजबूत वित्तीय स्थिति का प्रमाण है और यह अंतरराष्ट्रीय उधारदाताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह गिफ्ट सिटी आईबीयू से किसी एक माह में जुटाई गई हमारी सबसे बड़ी निधि है। यह चालू वर्ष के दौरान, अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के सबसे बड़े उधारकर्ता के रूप में आरईसी की स्थिति को भी मजबूत करता है।"









