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मीडिया लाउंज

आरईसी लिमिटेड पश्चिम बंगाल के सरकारी स्कूलों में 20 स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से 1,500 से अधिक छात्रों को लाभान्वित करेगी
तारीख 17-07-2026

गुरुग्राम: आरईसी लिमिटेड, विद्युत मंत्रालय के अधीन एक महारत्न सीपीएसई और अग्रणी एनबीएफसी, ने 'पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार के सरकारी स्कूलों में 20 स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना' नामक कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) परियोजना के कार्यान्वयन के लिए करियर फोरम के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए हैं।

आरईसी लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक (सीएसआर) श्री अरुण कुमार त्यागी और करियर फोरम के अध्यक्ष श्री अनंत चौहान ने 14 जुलाई, 2026 को एमओए पर हस्ताक्षर किए। यह हस्ताक्षर आरईसी लिमिटेड के विभागाध्यक्ष (सीएसआर) श्री एल. बी. नौटियाल और आरईसी लिमिटेड के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

इस सीएसआर पहल के अंतर्गत, पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के सरकारी स्कूलों में 20 स्मार्ट कक्षाएं स्थापित की जाएंगी। इस परियोजना से 1,500 से अधिक छात्रों को लाभ होने की उम्मीद है, क्योंकि उन्हें तकनीक-सक्षम, संवादात्मक शिक्षण उपकरण मिलेंगे जो कक्षा में जुड़ाव को बढ़ावा देंगे और सीखने के परिणामों में सुधार करेंगे।

इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षण तकनीकों को एकीकृत करके पश्चिम बंगाल के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना है। यह डिजिटल अंतर को पाटने, समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण, तकनीक-संचालित सीखने के अवसर प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाने के लिए आरईसी लिमिटेड की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

आरईसी लिमिटेड के बारे में-

आरईसी भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक 'महारत्न' कंपनी है, और आरबीआई के साथ गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (एनबीएफसी), सार्वजनिक वित्तीय संस्थान (पीएफआई) और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग कंपनी (आईएफसी) के रूप में पंजीकृत है। आरईसी पूरे विद्युत-अवसंरचना क्षेत्र को वित्तपोषित कर रहा है जिसमें उत्पादन, पारेषण, वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा और नई प्रौद्योगिकियां जैसे इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी भंडारण, पंप भंडारण परियोजनाएं, ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया परियोजनाएं आदि शामिल हैं। हाल ही में आरईसी लिमिटेड ने गैर-विद्युत अवसंरचना क्षेत्र में भी विविधता लाई है जिसमें सड़क और एक्सप्रेसवे, मेट्रो रेल, हवाई अड्डे, आईटी संचार, सामाजिक और वाणिज्यिक अवसंरचना (शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल), बंदरगाह और इस्पात, रिफाइनरी आदि जैसे विभिन्न अन्य क्षेत्रों के संबंध में इलेक्ट्रो-मैकेनिकल (ईएंडएम) कार्य शामिल हैं।

आरईसी लिमिटेड देश में अवसंरचना परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए राज्य, केंद्र और निजी कंपनियों को विभिन्न परिपक्वताओं के ऋण प्रदान करता है। आरईसी लिमिटेड बिजली क्षेत्र के लिए सरकार की प्रमुख योजनाओं में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका निभा रहा है और प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य), दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई), राष्ट्रीय विद्युत निधि (एनईएफ) योजना के लिए नोडल एजेंसी रही है, जिसके परिणामस्वरूप देश में अंतिम मील वितरण प्रणाली, 100% गांव विद्युतीकरण और घरेलू विद्युतीकरण को मजबूत किया गया है। आरईसी को पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने आरईसी को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के कार्यान्वयन की ज़िम्मेदारी भी सौंपी है।

पृष्ठ को अंतिम बार अद्यतन किया गया: 20/07/2026 - 05:23 PM
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