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आरईसी लिमिटेड ने असम में 100 स्मार्ट क्लासरूम बनाने के लिए सीएसआर के तहत 4.22 करोड़ रुपये दिए
तारीख 03-07-2026

गुरुग्राम, 3 जुलाई, 2026: कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के ज़रिए एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के अपने वादे को दोहराते हुए, आरईसी लिमिटेड ने "असम के लखीमपुर और काज़ीरंगा इलाकों के 100 सरकारी स्कूलों में 100 स्मार्ट क्लासरूम बनाना" प्रोजेक्ट के लिए ₹4.22 करोड़ मंज़ूर किए हैं। इस पहल का मकसद सरकारी स्कूलों में डिजिटल लर्निंग सॉल्यूशन को जोड़कर और स्टूडेंट्स के लिए एक दिलचस्प, टेक्नोलॉजी वाला लर्निंग माहौल बनाकर एजुकेशन की क्वालिटी को बढ़ाना है।
इस प्रोजेक्ट के लिए एक समझौता ज्ञापन पर 2 जुलाई, 2026 को गुरुग्राम स्थित आरईसी लिमिटेड के कॉर्पोरेट कार्यालय में आरईसी लिमिटेड के एचओडी (सीएसआर) श्री एल. बी. नौटियाल और इंडो जर्मन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (IGIAT) के निदेशक श्री बी. विनोद कुमार ने हस्ताक्षर किए। यह हस्ताक्षर समारोह आरईसी लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक (सीएसआर) श्री अरुण कुमार त्यागी और आरईसी लिमिटेड तथा IGIAT के अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ।
अपनी सीएसआर पहलों के ज़रिए, आरईसी लिमिटेड शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, पर्यावरण स्थिरता और सामुदायिक विकास में सार्थक निवेश कर रहा है, जिससे देश भर में समावेशी और टिकाऊ सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल रहा है।
आरईसी लिमिटेड के बारे में-
आरईसी भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक 'महारत्न' कंपनी है, और आरबीआई के साथ गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (एनबीएफसी), सार्वजनिक वित्तीय संस्थान (पीएफआई) और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग कंपनी (आईएफसी) के रूप में पंजीकृत है। आरईसी पूरे विद्युत-अवसंरचना क्षेत्र को वित्तपोषित कर रहा है जिसमें उत्पादन, पारेषण, वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा और नई प्रौद्योगिकियां जैसे इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी भंडारण, पंप भंडारण परियोजनाएं, ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया परियोजनाएं आदि शामिल हैं। हाल ही में आरईसी लिमिटेड ने गैर-विद्युत अवसंरचना क्षेत्र में भी विविधता लाई है जिसमें सड़क और एक्सप्रेसवे, मेट्रो रेल, हवाई अड्डे, आईटी संचार, सामाजिक और वाणिज्यिक अवसंरचना (शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल), बंदरगाह और इस्पात, रिफाइनरी आदि जैसे विभिन्न अन्य क्षेत्रों के संबंध में इलेक्ट्रो-मैकेनिकल (ईएंडएम) कार्य शामिल हैं।
आरईसी लिमिटेड देश में अवसंरचना परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए राज्य, केंद्र और निजी कंपनियों को विभिन्न परिपक्वताओं के ऋण प्रदान करता है। आरईसी लिमिटेड बिजली क्षेत्र के लिए सरकार की प्रमुख योजनाओं में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका निभा रहा है और प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य), दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई), राष्ट्रीय विद्युत निधि (एनईएफ) योजना के लिए नोडल एजेंसी रही है, जिसके परिणामस्वरूप देश में अंतिम मील वितरण प्रणाली, 100% गांव विद्युतीकरण और घरेलू विद्युतीकरण को मजबूत किया गया है। आरईसी को पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने आरईसी को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के कार्यान्वयन की ज़िम्मेदारी भी सौंपी है।









