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आरईसी लिमिटेड को राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए अंतरराष्ट्रीय हिंदी परिषद द्वारा किया गया सम्मानित
तारीख 27-08-2026

दिनांक 27 अगस्त 2026 को बिहार विधान सभा के सभागार, पटना में आयोजित एक गरिमामय समारोह में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी परिषद द्वारा आरईसी कॉर्पोरेट कार्यालय, गुरुग्राम को राजभाषा हिन्दी के संवर्धन, प्रचार-प्रसार तथा कार्यालय के दैनिक कार्यों में हिन्दी के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
यह प्रतिष्ठित सम्मान नागालैंड के माननीय राज्यपाल श्री नंदकिशोर यादव एवं बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार द्वारा प्रदान किया गया। समारोह में सिक्किम के पूर्व राज्यपाल श्री गंगा प्रसाद, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री संजय पासवान तथा बिहार के पूर्व डीजीपी श्री आलोक राज विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
आरईसी की ओर से यह सम्मान वरिष्ठ महाप्रबंधक एवं आरईसी पटना कार्यालय के मुख्य कार्यक्रम प्रबंधक (सीपीएम) श्री एस.के. बागे ने प्राप्त किया।
यह सम्मान राजभाषा हिन्दी के क्षेत्र में आरईसी द्वारा किए जा रहे सतत एवं रचनात्मक प्रयासों का परिणाम है। आरईसी निरंतर राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन, कार्यालयीन कार्यों में हिन्दी के व्यापक प्रयोग, राजभाषा संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से हिन्दी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रही है। यह उपलब्धि संस्थान के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों, समर्पण और राजभाषा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह सम्मान भविष्य में भी राजभाषा हिन्दी के संवर्धन एवं सरकारी कामकाज में उसके प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु आरईसी को नई प्रेरणा प्रदान करेगा।
आरईसी लिमिटेड के बारे में-
आरईसी भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक 'महारत्न' कंपनी है, और आरबीआई के साथ गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (एनबीएफसी), सार्वजनिक वित्तीय संस्थान (पीएफआई) और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग कंपनी (आईएफसी) के रूप में पंजीकृत है। आरईसी पूरे विद्युत-अवसंरचना क्षेत्र को वित्तपोषित कर रहा है जिसमें उत्पादन, पारेषण, वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा और नई प्रौद्योगिकियां जैसे इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी भंडारण, पंप भंडारण परियोजनाएं, ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया परियोजनाएं आदि शामिल हैं। हाल ही में आरईसी लिमिटेड ने गैर-विद्युत अवसंरचना क्षेत्र में भी विविधता लाई है जिसमें सड़क और एक्सप्रेसवे, मेट्रो रेल, हवाई अड्डे, आईटी संचार, सामाजिक और वाणिज्यिक अवसंरचना (शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल), बंदरगाह और इस्पात, रिफाइनरी आदि जैसे विभिन्न अन्य क्षेत्रों के संबंध में इलेक्ट्रो-मैकेनिकल (ईएंडएम) कार्य शामिल हैं।
आरईसी लिमिटेड देश में अवसंरचना परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए राज्य, केंद्र और निजी कंपनियों को विभिन्न परिपक्वताओं के ऋण प्रदान करता है। आरईसी लिमिटेड बिजली क्षेत्र के लिए सरकार की प्रमुख योजनाओं में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका निभा रहा है और प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य), दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई), राष्ट्रीय विद्युत निधि (एनईएफ) योजना के लिए नोडल एजेंसी रही है, जिसके परिणामस्वरूप देश में अंतिम मील वितरण प्रणाली, 100% गांव विद्युतीकरण और घरेलू विद्युतीकरण को मजबूत किया गया है। आरईसी को पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने आरईसी को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के कार्यान्वयन की ज़िम्मेदारी भी सौंपी है।









