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आरईसी लिमिटेड ने हरियाणा के स्कूलों में 'ग्रीन इनोवेटर इमर्सिव लर्निंग लैब'; प्रोजेक्ट के लिए सीएसआर के तहत ₹1.40 करोड़ देने की प्रतिबद्धता जताई
तारीख 14-05-2026

गुरुग्राम, 14 मई, 2026: आरईसी लिमिटेड ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत, हरियाणा के करनाल जिले के 10 सरकारी स्कूलों में ‘ग्रीन इनोवेटर इमर्सिव लर्निंग लैब’ परियोजना को लागू करने के लिए ₹1.40 करोड़ की वित्तीय सहायता देने का वादा किया है। इस परियोजना को आई-हब फाउंडेशन फॉर कोबोटिक्स द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा।
इस संबंध में, 14 मई 2026 को आरईसी कॉर्पोरेट कार्यालय, गुरुग्राम में आरईसी लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक (सीएसआर) श्री अरुण कुमार त्यागी और आईएचएफसी (आईआईटी दिल्ली) के सीईओ श्री आशुतोष दत्त शर्मा के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस पहल का उद्देश्य ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर), वर्चुअल रियलिटी (वीआर), 3D लर्निंग टूल्स और स्टेम-आधारित शिक्षा मॉड्यूल्स जैसी इमर्सिव टेक्नोलॉजीज़ के ज़रिए स्कूली छात्रों में अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देना है। यह प्रोजेक्ट सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों में कोडिंग, रोबोटिक्स, इनोवेशन और डिजिटल साक्षरता जैसे भविष्य के लिए तैयार कौशल विकसित करने पर भी ध्यान केंद्रित करेगा।
यह सहयोग शिक्षा के इकोसिस्टम को मज़बूत करने और युवा प्रतिभाओं को आधुनिक तकनीकी अनुभव से सशक्त बनाने के प्रति आरईसी लिमिटेड की प्रतिबद्धता को फिर से पुष्ट करता है, ताकि उन्हें बदलते डिजिटल भविष्य के लिए तैयार किया जा सके।
आरईसी लिमिटेड के बारे में-
आरईसी भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक 'महारत्न' कंपनी है, और आरबीआई के साथ गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (एनबीएफसी), सार्वजनिक वित्तीय संस्थान (पीएफआई) और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग कंपनी (आईएफसी) के रूप में पंजीकृत है। आरईसी पूरे विद्युत-अवसंरचना क्षेत्र को वित्तपोषित कर रहा है जिसमें उत्पादन, पारेषण, वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा और नई प्रौद्योगिकियां जैसे इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी भंडारण, पंप भंडारण परियोजनाएं, ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया परियोजनाएं आदि शामिल हैं। हाल ही में आरईसी लिमिटेड ने गैर-विद्युत अवसंरचना क्षेत्र में भी विविधता लाई है जिसमें सड़क और एक्सप्रेसवे, मेट्रो रेल, हवाई अड्डे, आईटी संचार, सामाजिक और वाणिज्यिक अवसंरचना (शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल), बंदरगाह और इस्पात, रिफाइनरी आदि जैसे विभिन्न अन्य क्षेत्रों के संबंध में इलेक्ट्रो-मैकेनिकल (ईएंडएम) कार्य शामिल हैं।
आरईसी लिमिटेड देश में अवसंरचना परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए राज्य, केंद्र और निजी कंपनियों को विभिन्न परिपक्वताओं के ऋण प्रदान करता है। आरईसी लिमिटेड बिजली क्षेत्र के लिए सरकार की प्रमुख योजनाओं में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका निभा रहा है और प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य), दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई), राष्ट्रीय विद्युत निधि (एनईएफ) योजना के लिए नोडल एजेंसी रही है, जिसके परिणामस्वरूप देश में अंतिम मील वितरण प्रणाली, 100% गांव विद्युतीकरण और घरेलू विद्युतीकरण को मजबूत किया गया है। आरईसी को पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने आरईसी को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के कार्यान्वयन की ज़िम्मेदारी भी सौंपी है।









