हमारा अनुसरण करें : facebook twitter linkedin Instagram Youtube
REC Limited

मीडिया लाउंज

आरईसी द्वारा सीएसआर के अंतर्गत पूर्वोत्तर भारत में ग्रामीण विकास के लिए सहायता
तारीख 01-05-2018

केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के नवरत्न उद्यम आरईसी लिमिटेड के सीएसआर घटक, आरईसी फाउंडेशन ने नार्थ इस्ट स्लो फूड एंड एग्रो बायो डाइवर्सिटी सोसायटी (एनईएसएफएएस) के साथ एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें ग्रामीण विकास कार्यक्रम "कोई भी पीछे नहीं छोड़ा जाएगा"  में भागीदारी के लिए 9.41 करोड़ रुपए की सहायता दी जाएगी।

"कोई भी पीछे नहीं छोड़ा जाएगा"  एक त्रि-वर्षीय परियोजना है, जिसका उद्देश्य मेघालय और नागालैंड के 130 दूरवर्ती गांवों में 3000 से अधिक आवासों के लिए पोषण में सुधार करने, आहार सुरक्षा प्रदान करने एवं सतत् आजीविका का सृजन करने के लिए स्वदेशी आहार प्रणालियों का संवर्धन करना है। परियोजना गतिविधि में पोषण संबंधी विश्लेषण करना, कम्युनिटी सीड फेयर्स, पोषक तत्व युक्त स्थानीय प्रजातियों की खपत को बढ़ावा देना, उद्यमशीलता एवं आजीविका कार्यक्रम के लिए कौशल विकास और प्रशिक्षण, तथा सामुदायिक कल्याण के लिए नवीकरणीय ऊर्जा में एक पहल करना शामिल है। कार्यक्रम का डिज़ाइन युवाओं, किशोर लड़कियों, महिलाओं और समुदाय के बुजुर्गों के लाभ हेतु किया गया है।

यह करार आरईसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. पी वी रमेश और एनईएसएफएएस के अध्यक्ष श्री फ्रांग रॉय के मध्य दिनांक 30 फरवरी, 2018 को हस्ताक्षरित किया गया था। डॉ. रमेश ने मेघालय में ग्रामीण समुदायों में आधारभूत कार्य करने के लिए एनईएसएफएएस की सराहना की और अन्य राज्यों में इसी तरह के एक महत्वपूर्ण समुदाय आधारित परियोजना शुरू किए जाने की आशा को भी व्यक्त किया।

पृष्ठ को अंतिम बार अद्यतन किया गया: 15/04/2026 - 05:19 PM
  • आगंतुकों की संख्या :