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आरईसी और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल और एबीवीआईएमएस सभागार नवीकरण के लिए हुआ करार
तारीख 01-12-2023
Gurugram, December 1, 2023 - आरईसी लिमिटेड की सीएसआर शाखा, आरईसी फाउंडेशन ने नई दिल्ली में डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल और अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एबीवीआईएमएस) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए। इस परियोजना पर लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
आरईसी के कॉर्पोरेट कार्यालय में हुए करार में श्री वीके सिंह, निदेशक (परियोजनाएं), श्रीमती तरुणा गुप्ता, कार्यकारी निदेशक और आरईसी के अन्य गणमान्य अधिकारी एवं वरिष्ठ प्रबंधन प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आरएमएल अस्पताल और एबीवीआईएमएस की ओर से डॉ. अजय शुक्ला, निदेशक एवं चिकित्सा अधीक्षक, डॉ. थेजस्वी एचटी, प्रोफेसर एवं प्रमुख (फॉरेंसिक मेडिसिन) उपस्थित थे।
इस परियोजना का उद्देश्य डॉ. आरएमएल अस्पताल और एबीवीआईएमएस में चिकित्सा बुनियादी ढांचे को बढ़ाना है, पुनर्निर्मित सभागार का उद्देश्य सहयोग और सीखने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करने के साथ, इसे अत्याधुनिक तकनीक से लैस करना है।
श्री वीके सिंह ने साझेदारी के बारे में अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, "आरईसी समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए समर्पित है, और यह सहयोग हमारे मिशन के अनुरूप है। हमारा मानना है कि उन्नत ऑडिटोरियम चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।”
आरईसी फाउंडेशन, आरईसी की सीएसआर शाखा के रूप में, सतत विकास को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं में सक्रिय रूप से संलग्न है। यह साझेदारी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा देने के लिए आरईसी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
आरईसी लिमिटेड के बारे में:
आरईसी लिमिटेड, विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला एक महारत्न सीपीएसई है, जिसकी स्थापना 1969 में हुई थी। यह विद्युत अवसंरचना क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक ऋण और अन्य वित्त उत्पाद प्रदान करता है जिसमें उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी स्टोरेज, हरित हाइड्रोजन जैसी नई प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। हाल ही में आरईसी ने गैर-विद्युत अवसंरचना क्षेत्र में भी विविधता प्रदान की है, जिसमें सड़क एवं एक्सप्रेसवे, मेट्रो रेल, हवाई अड्डा, आईटी संचार, सामाजिक एवं वाणिज्यिक अवसंरचना (शैक्षिक संस्थान, अस्पताल), बंदरगाह एवं इस्पात, रिफाइनरी आदि जैसे विभिन्न अन्य क्षेत्रों में इलेक्ट्रो-मैकेनिकल (ई एंड एम) कार्य शामिल हैं। आरईसी की लोन बुक 4,74,275 करोड़ रुपये से ज्यादा है।









