रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड

रूरल इलेक्ट्रीफिकेशन कारपोरेशन लिमिटेड
भारत सरकार का उद्यम
23जनवरी2017
 
 
 
 
 
 
 
 

प्रोफ़ाइल

आरईसी, विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय क्षेत्र का एक नवरत्न उद्यम है, जिसे कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत 25 जुलाई, 1969 को निगमित किया गया। आरईसी भारत सरकार का एक सूचीबद्ध सार्वजनिक क्षेत्रक उद्यम है, जिसका नेटवर्थ 31.3.2014 को 20,669.46 करोड़ रुपए था। इसका उद्देश्य पूरे देश में ग्रामीण विद्युतीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देना है। यह राज्य बिजली बोर्डों, राज्य सरकारों के विद्युत विभागों और सहकारी समितियों को उनके द्वारा प्रायोजित ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए वित्तपोषित करता है।

आरईसी राज्य बिजली बोर्डों/राज्य विद्युत यूटिलिटियों को विद्युतीकरण योजनाओं में निवेश करने के लिए ऋण सहायता प्रदान करता है। ऋण सहायता प्रदान करने का कार्य नई दिल्ली में स्थित कारपोरेट कार्यालय और यूनिट(आंचलिक कार्यालयों ), जो अधिकांश राज्यों में स्थित हैं, के माध्यम से किया जाता है।

राज्यों में स्थित परियोजना कार्यालय संबंधित रा.बि.बो./राज्य विद्युत यूटिलिटियों को आरईसी के वित्तपोषण कार्यक्रमों में समन्वय और संबंधित विद्युत यूटिलिटियों द्वारा स्कीमों की मंजूरी, संवितरण और कार्यान्वयन में सुविधा देते हैं।

आरईसी द्वारा वित्तपोषित स्कीमों की श्रेणी

श्रेणी उद्देश्य
गहन विद्युतीकरण परियोजनाः पीआईई इसमें पहले से विद्युतीकृत क्षेत्रों में ग्रामीण उपभोव्ताओं को कनेक्शन देने के लिए गहन लोड विकास शामिल है
पंपसेट परियोजना  एसपीएः पीई इसका लक्ष्य पंपसेटों का ऊर्जायन करना है।
तंत्र सुधार परियोजना : पी एसआई इसका लक्ष्य निर्दिष्ट क्षेत्र में पारेषण, उप-पारेषण और वितरण प्रणाली को और विद्युत निकासी के लिए लाइनों को भी सुदृढ़ एवं उन्नत बनाना है
एसआईःमीटर, ट्रांसफॉर्मर, कंडक्टर, कैपेसिटर आदि  (बल्क लोन ) मीटरों, ट्रांसफार्मरों और कैपेसिटरों की खरीद और अधिष्ठापन
अल्पावधि ऋण विद्युत यूटिलिटियों तथा राज्य सरकारों को वित्त सुविधा प्रदान करना ताकि वे विद्युत तंत्र के लिए इपधन की खरीद, विद्युत की खरीद, सामग्री और छोटे उपकरणों की खरीद, तंत्र और नेटवर्क के रखरखाव तथा ट्रांसफार्मर मरम्मत इत्यादि जैसे विभिन्न प्रयोजनों के लिए अपनी कार्य पूंजीगत आवश्यकता को पूरा कर सकें।
ऋण पुनर्वित्तपोषण योजना का उद्देश्य राज्य विद्युत यूटिलिटियों/उच्च श्रेणी गैर-सरकारी विद्युत यूटिलिटियों को उनके द्वारा अन्य बैंकों/वित्तीय संस्थानों से पात्र परियोजनाओं /योजनाओं के लिए उच्च लागत पर लिए गए आवधिक ऋणों को वापस करने हेतु उधारी लागत को कम करने को सुकर बनाना है।
उपस्कर विनिर्माताओं के लिए वित्तपोषण विद्युत परियोजना के लिए विद्युत/इलेक्ट्रिकल सामग्री के विनिर्माताओं को अल्पावधि/मध्यावधि ऋण उपलब्ध कराना
आरई सहकारी समितियां ग्रामीण विद्युत सहकारी समितियों का विकास
विद्युत उत्पादन राज्य/केंद्रीय क्षेत्र/प्राइवेट क्षेत्र की कंपनियों को विद्युत उत्पादन परियोजनाओं की हर प्रकार की स्कीमों/श्रेणियों के लिए सावधि ऋण उपलब्ध कराना, भले ही उनका स्वरूप, आकार और जेनरेशन स्रोत कुछ भी हो।
कारपोरेट आयोजना प्रभाग कारपोरेट आयोजना प्रभाग के प्रमुख अपर महाप्रबंधक(सी.पी.) हैं और  एमओयू, विद्युत मंत्रालय में तिमाही कार्य निष्पादन की समीक्षा, आंतरिक लक्ष्यों का निर्धारण आदि एवं इनकी समीक्षा, विद्युत मंत्रालय के साथ संपर्क करने जैसी गतिविधियों के लिए उप प्रबंधक, अधिकारी, सहायक अधिकारी उनकी सहायता करते हैं।